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Showing posts from November, 2018

प्रतिबंधित द्वीप पर पहुंचे अमरीकी की हत्या

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के नॉर्थ सेंटि नेल नामक एक द्वीप में एक अमरीकी व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि ये मामला 18 नवंबर का है और ये हत्या उस इलाके में हुई है जहां संरक्षित और प्राचीन सेंटिनेली जनजाति के लोग रहते हैं. अंडमान निकोबार में लंबे समय तक काम कर चुके बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुबीर भौमिक ने बीबीसी संवाददाता मानसी दाश को इस मामले में अधिक जानकारी दी है. मारे गए व्यक्ति का नाम जॉन एलिन शाओ बताया गया है. जॉन अमरीका के अल्बामा के निवासी थे. 27 साल के जॉन ईसाई धर्म का प्रचार करने के लिए कई बार अंडमान आते रहते थे. हत्या के इस मामले में सात मछुआरों को गिरफ्तार भी किया गया है, जिन्होंने शाओ को अवैध रूप से द्वीप तक पहुंचाया. कौन हैं सेंटिनेली लोग? अंडमान के नॉर्थ सेंटीनेल द्वीप में रहने वाली सेंटिनेली एक प्राचीन जनजाति है, इनकी आबादी 50 से 150 के क़रीब ही रह गई है. स्थानीय पुलिस से इसकी पुष्टि की गई है कि जॉन किसी मिशनरी के लिए काम करते थे और इस जनजाति के लोगों को ईसाई धर्म में बदलवाने के लिए उनके पास आते थे. अंडमान दुर्घटना- याद करके ...

उपचुनाव में जीत पर कुमारस्वामी ने कहा, यह पहला कदम क्योंकि जनता को हमपर भरोसा

कर्नाटक उपचुनाव में पांच सीटों में से चार सीटों पर कांग्रेस और जेडीएस को जीत मिली है जबकि एक पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है। इसे लेकर कांग्रेस और जेडीएस की ओर से प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। कर्नाटक में पांच सीटों पर हुए उपचुनाव में चार सीटों पर कांग्रेस और जेडीएस को जीत मिली है जबकि एक पर बीजेपी को जीत हासिल हुई है। इसे लेकर कांग्रेस और जेडीएस की ओर से प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है । बीजेपी के लिए जहां ये परिणाम किसी झटके की तरह हैं, वहीं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने इसे जनता का दिवाली गिफ्ट बताया है।  कर्नाटक सीएम व जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस जीत को केवल एक शुरुआत बताया। कुमारस्वामी ने कहा, ' यह चुनाव पहला कदम है । राज्य में 28 लोकसभा सीटें हैं, हम उन सभी को जीतने के लिए कांग्रेस के साथ काम करेंगे और यह हमारा लक्ष्य है ।' उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ हमारी जीत नहीं है क्योंकि हमने आज जनता का विश्वास जीता है। यह लोगों का हमपर विश्वास है , यह जीत हमें घमंडी नहीं फैसले पर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, 'बेल...

84 साल में सिर्फ 3 बार राष्ट्रपति की पार्टी दोनों सदनों में जीती

अमेरिका में 6 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इसमें सीनेट यानी अमेरिकी संसद के उच्च सदन की 100 में से 35 सीटों और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स यानी निचले सदन की सभी 435 सीटों पर सांसद चुने जाएंगे। 35 राज्यों के गवर्नर भी चुने जाने हैं। मध्यावधि चुनावों को राष्ट्रपति के आधे कार्यकाल के प्रदर्शन का नतीजा माना जाता है। अगर रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में जीत जाती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने कार्यकाल के बचे हुए दो साल बिना विपक्षी अवरोध के कामकाज कर पाएंगे। हालांकि, पिछले 84 साल में 1934, 1998 और 2002 में ही ऐसा मौका आया जब तत्कालीन राष्ट्रपति की पार्टी को मध्यावधि चुनावों में दोनों सदनों में जीत मिली। 84 साल में वो तीन मौके जब दोनों सदनों में जीती राष्ट्रपति की पार्टी  1934 में डेमोक्रेट पार्टी के फ्रेंकलीन रूजवेल्ट प्रेसिडेंट थे। मध्यावधि चुनाव में उनकी पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में 9-9 सीटें ज्यादा मिलीं। 1998 में डेमोक्रेट बिल क्लिंटन राष्ट्रपति थे। उनकी पार्टी ने हाउस में 5 सीटें ज्यादा जीतीं और सीनेट में सभी सीटें बचा लीं। 2002 में रिप...