कई दिनों से इस बात की चर्चा थी कि राहुल गांधी केरल के वायनाड सीट से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन उनके नाम की घोषणा को लेकर देरी हो रही थी. इस देरी की वजह से कार्यकर्ताओं में निराशा छाने लगी थी लेकिन अब जब उनके नाम की घोषणा हो गई है तो कहा जा रहा है कि कार्यकर्ताओं का मूड ही बदल गया है. अभी तक कांग्रेस और उनके यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ़्रंट (यूडीएफ़) के कार्यकर्ताओं के बीच एक तरह की निराशा का भाव था. दक्षिण भारत के अपने मुख्य विपक्षी मार्क्सवदी कम्युनिस्ट पार्टी और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट के सामने कांग्रेसी कार्यकर्ता मायूस नज़र आ रहे थे. कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को एक तरह के जोश की ज़रूरत थी जिससे वे अपने विपक्षियों का सामना कर सकें. ख़ासतौर पर सबरीमला मंदिर पर हुए विवाद के बाद यह राज्य ख़ासा सुर्खियों में रहा. केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीताला ने बीबीसी को बताया कि इस फ़ैसले ने राज्य में पार्टी कार्यकर्ताओं में एक नया जोश फूंकने का काम किया है. पूरे राज्य में ख़ुशी की लहर है. यह पहला मौक़ा है जब एक प्रधानमंत्री पद का दावेदार केरल से चुनाव लड़ रहा है. "मैं आपको ए...