Skip to main content

Posts

Showing posts from April, 2019

श्रीलंका आत्मघाती हमला झेलने वालों की आंखोंदेखी: 'ख़ून ही ख़ून फैला था, सभी लोग भाग रहे थे'

श्रीलंका में हुए आत्मघाती हमले को झेलने वाले लोगों ने बीबीसी से अपने अनुभव साझा किए हैं. ईस्टर रविवार को हुए इन सिलसिलेवार धमाकों में चर्चों और होटलों को निशाना बनाया गया है. राजधानी कोलंबो, नेगोम्बो और पूर्वी तट पर बाट्टीकोला में धमाके किए गए. ये धमाके उस समय हुए जब श्रीलंका के अल्पसंख्यक ईसाई समुदाय के लोग ईस्टर रविवार मनाने के लिए इकट्ठा हो रहे थे. इस हमले को देखने वालों से जानिए उस वक़्त उन्होंने क्या महसूस किया. 48 साल के डॉ. इमेनुएल एक फ़िजीशियन हैं. वो श्रीलंका में पले बढ़े और अब ब्रिटेन में अपने परिवार के साथ रहते हैं. वो इस सप्ताह कोलंबो में रहने वाले अपने परिवार से मिलने गए थे. कोलंबो के सिनेमन ग्रैंड होटल में जब धमाका हुआ तो वो अपने कमरे में सो रहे थे. उन्होंने बताया, "हम अपने बिस्तर पर थे जब हमने तेज़ धमाके की आवाज़ सुनी. हमारा कमरा भी हिल गया. मुझे लगता है कि ये सुबह साढ़े आठ बजे का वक़्त होगा. इसके बाद हमें कमरे से निकालकर होटल के लाउंज में ले जाया गया जहां से हमसे पिछले रास्ते से बाहर निकलने के लिए कहा गया. हमने घायल लोगों को अस्पताल ले जाते हुए देख...

रवि किशनः भोजपुरी का वो स्टार जो पहले कांग्रेस का हुआ, फिर भाजपा का

आज से पंद्रह साल पहले रिलीज़ हुई फ़िल्म 'ससुरा बड़ा पईसा वाला' ने तब तक अपने सुनहरे अतीत की छाया भर रह गयी भोजपुरी फ़िल्म इंडस्ट्री को नई उछाल दे दी थी. अरसे बाद मनोज तिवारी की शक्ल में गायक-नायक यानी सिंगर-हीरो का चलन लौट आया था. धड़ल्ले से बन रही भोजपुरी फ़िल्मों में बॉलीवुड के शहंशाह सहित नामी अभिनेता और टीनू वर्मा जैसे ख़ालिस बम्बइया मेकर भी शामिल हो गए थे और अचानक दिनेश लाल यादव निरहुआ, गुड्डू रंगीला, खेसारी लाल यादव और पवन सिंह जैसे तमाम स्टार्स की पौध उग आई थी. इस क़तार में एक नाम रविकिशन का भी था जो मनोज तिवारी और निरहुआ के साथ मिलकर भोजपुरी की स्टार त्रिमूर्ति रचते थे. अलबत्ता एक मामले में वे अपने दोनों साथियों से एकदम अलग थे. दूसरों की तरह वे महज़ भोजपुरी सिनेमा के उत्पाद नहीं थे बल्कि मुख्यधारा के हिंदी सिनेमा के एक मशहूर और समर्थ अभिनेता थे. इतने समर्थ कि जिस साल 'ससुरा बड़ा पईसा वाला' रिलीज़ होकर भोजपुरी सिनेमा की कामयाबी का सुनहरा राजमार्ग बना रही थी उसी साल झील सी गहरी आँखों वाले इस अभिनेता को फ़िल्म 'तेरे नाम' के लिए सर्वश्रेष्ठ सह-अभि...

'रफ़ाल सौदे में फ्रांसीसी कंपनियों को सरकार ने दी थी रियायत': प्रेस रिव्यू

एन. राम की लिखी रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने रफ़ाल सौदे के लिए डेसो ऐविएशन और एमबीडीए कंपनी को असमान्य छूट और रियायत दी थी. यह छूट 24 अगस्त, 2016 को दी गई थी. अख़बार के मुताबिक़ यह सबसे उच्च स्तर पर लिया गया राजनीतिक फ़ैसला था. जिसके तहत फ्रांस की दो कंपनियों को डिफेंस से जुड़ी ख़रीद के लिए स्टैंडर्ड कांट्रैक्ट के प्रावधानों से छूट दी गई थी. अमर उजाला कि ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि हर लोकसभा सीट के हर विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का अचानक मिलान किया जाए. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि इससे चुनाव प्रकिया में अधिक विश्वसनीयता और प्रामणिकता आएगी. अभी तक एक ही बूथ पर वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता था. इसके ख़िलाफ़ 21 विपक्षी दलों ने सुर्पीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनकी मांग थी कि इस संख्या को 50 फ़ीसदी किया जाए. इस पर चुनाव आयोग ने कहा था कि 50 फ़ीसदी ईवीएम के वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने पर लोकसभा चुन...