प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को मैन्युफ़ैक्चरिंग का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए कई कोशिशें की और कार्यक्रमों की शुरुआत की. सरकार ने संकल्प लिया था कि साल 2025 तक अर्थव्यवस्था में मैन्युफ़ैक्चरिंग का योगदान बढ़कर 25 प्रतिशत तक हो जाए. चुनाव नज़दीक हैं और लोग बढ़-चढ़कर प्रधानमंत्री मोदी के इस वादे पर टिप्पणी कर रहे हैं. रिएलिटी चेक ने इसकी पड़ताल की. 'मेक इन इंडिया' सितंबर 2014 में 'मेक इन इंडिया' की शुरुआत की गई. सरकार ने वादा किया कि 'मेक इन इंडिया' की मदद से साल 2025 तक अर्थव्यवस्था में मैन्युफ़ैक्चरिंग का योगदान बढ़कर 25 प्रतिशत हो जाएगा. उधर कांग्रेस प्रमुख और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम की तीखी आलोचना की और कहा कि इस कार्यक्रम के बावजूद मैन्युफ़ैक्चरिंग में तेज़ी नहीं आ पाई है. उन्होंने कहा, मेक इन इंडिया के पीछे जो सोच थी वो बहुत खराब है और ये लोगों के हुनर से तालमेल नहीं खाती. विश्व बैंक द्वारा प्रकाशित डेटा से पता चलता है कि कई सालों से देश की अर्थव्यवस्था में उत्पादन क्षेत्र के योगदान में ज़...