मध्य प्रदेश में अपने इकलौते विधायक की अनदेखी से ख़फ़ा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है कि बीजेपी के ख़िलाफ़ उत्तर प्रदेश में बनने जा रहा गठबंधन ग़ैर कांग्रेसी होगा.
उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस का भी धन्यवाद देना चाहेंगे कि मध्यप्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया."
अखिलेश ने कहा, "हम कांग्रेस और बीजेपी दोनों का धन्यवाद देते हैं कि कम से कम समाजवादियों का उन्होंने रास्ता साफ़ कर दिया. जबकि सपा का विधायक मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दे रहा था.'
गोली मारने वाले बयान पर कुमारस्वामी नहीं मांगेगे माफ़ी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 'बेरहमी से गोली मारने' वाले बयान के लिए माफ़ी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि वह एक भावुक व्यक्ति हैं. विपक्ष उनसे इस बयान के लिए माफ़ी मांगने को कह रहा है.
इस वीडियो में कुमारस्वामी अपनी पार्टी जनता दल सेक्युलर के एक नेता के हत्यारों को 'बेहरमी से गोली मारने' के निर्देश पुलिस को देते नज़र आ रहे हैं.
इस बयान की वजह से वह विवादों में पड़ गए हैं. मुख्यमंत्री ने अपने इस बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया, लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा.
उन्होंने कहा, 'यह एक बड़ा मुद्दा नहीं है, यह एक मानवीय प्रवृत्ति है, यह एक ऐसी परिस्थिति है जिसमें कोई भी इंसान उसी तरह से व्यवहार करेगा. मैंने पहले ही इस बात को स्पष्ट कर दिया है, इसलिए मैंने इसके शब्द में बदलाव भी किया.'
कुमारस्वामी पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं. बीते महीने नाराज़ किसानों ने कर्नाटक विधानसभा के दरवाज़े तोड़ने की कोशिश की थी. इस पर कुमारस्वामी ने कहा था, ''आप इन्हें किसान कहते हैं. मेरे सब्र की भी कुछ सीमाएं हैं. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो उन किसानों की तौहीन कर रहे हैं जिनके लिए मेरी सरकार है.''
इसके बाद एक महिला किसान की शिकायत का ज़िक्र करते हुए कुमारस्वामी कहते हैं, ''ताई मैं पांच महीने पहले ही मुख्यमंत्री बना हूं. आप बीते चार साल से परेशान हैं? चार साल से कहां सो रही थीं?''
इससे पहले भी यह विधेयक सदन के पटल पर रखा गया था. तब 21 दिसंबर को लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार है.
उधर, टीएमसी ने तीन तलाक़ बिल के मुद्दे पर अपना रुख साफ़ कर दिया है कि वो इसका समर्थन नहीं करेगी.
टीएमसी के इस फ़ैसले पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर ये ममता बनर्जी की संवेदनहीनता है.
उन्होंने कहा कि एक तरफ वो खुद महिला हैं. महिलाओं के मुद्दे पर वो मुखर होने का दावा करती हैं. लेकिन जिस तरह से तीन तलाक़ के मुद्दे पर टीएमसी का रुख सामने आया है वो उनके दोहरे व्यवहार को बताता है.
उन्होंने कहा, 'हम कांग्रेस का भी धन्यवाद देना चाहेंगे कि मध्यप्रदेश में हमारे विधायक को मंत्री नहीं बनाया."
अखिलेश ने कहा, "हम कांग्रेस और बीजेपी दोनों का धन्यवाद देते हैं कि कम से कम समाजवादियों का उन्होंने रास्ता साफ़ कर दिया. जबकि सपा का विधायक मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दे रहा था.'
गोली मारने वाले बयान पर कुमारस्वामी नहीं मांगेगे माफ़ी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 'बेरहमी से गोली मारने' वाले बयान के लिए माफ़ी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि वह एक भावुक व्यक्ति हैं. विपक्ष उनसे इस बयान के लिए माफ़ी मांगने को कह रहा है.
इस वीडियो में कुमारस्वामी अपनी पार्टी जनता दल सेक्युलर के एक नेता के हत्यारों को 'बेहरमी से गोली मारने' के निर्देश पुलिस को देते नज़र आ रहे हैं.
इस बयान की वजह से वह विवादों में पड़ गए हैं. मुख्यमंत्री ने अपने इस बयान पर स्पष्टीकरण भी दिया, लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा.
उन्होंने कहा, 'यह एक बड़ा मुद्दा नहीं है, यह एक मानवीय प्रवृत्ति है, यह एक ऐसी परिस्थिति है जिसमें कोई भी इंसान उसी तरह से व्यवहार करेगा. मैंने पहले ही इस बात को स्पष्ट कर दिया है, इसलिए मैंने इसके शब्द में बदलाव भी किया.'
कुमारस्वामी पहले भी कई विवादित बयान दे चुके हैं. बीते महीने नाराज़ किसानों ने कर्नाटक विधानसभा के दरवाज़े तोड़ने की कोशिश की थी. इस पर कुमारस्वामी ने कहा था, ''आप इन्हें किसान कहते हैं. मेरे सब्र की भी कुछ सीमाएं हैं. जो लोग ऐसा कर रहे हैं, वो उन किसानों की तौहीन कर रहे हैं जिनके लिए मेरी सरकार है.''
इसके बाद एक महिला किसान की शिकायत का ज़िक्र करते हुए कुमारस्वामी कहते हैं, ''ताई मैं पांच महीने पहले ही मुख्यमंत्री बना हूं. आप बीते चार साल से परेशान हैं? चार साल से कहां सो रही थीं?''
इससे पहले भी यह विधेयक सदन के पटल पर रखा गया था. तब 21 दिसंबर को लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार है.
उधर, टीएमसी ने तीन तलाक़ बिल के मुद्दे पर अपना रुख साफ़ कर दिया है कि वो इसका समर्थन नहीं करेगी.
टीएमसी के इस फ़ैसले पर बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि महिलाओं के मुद्दे पर ये ममता बनर्जी की संवेदनहीनता है.
उन्होंने कहा कि एक तरफ वो खुद महिला हैं. महिलाओं के मुद्दे पर वो मुखर होने का दावा करती हैं. लेकिन जिस तरह से तीन तलाक़ के मुद्दे पर टीएमसी का रुख सामने आया है वो उनके दोहरे व्यवहार को बताता है.
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