एन. राम की लिखी रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) ने रफ़ाल सौदे के लिए डेसो ऐविएशन और एमबीडीए कंपनी को असमान्य छूट और रियायत दी थी.
यह छूट 24 अगस्त, 2016 को दी गई थी. अख़बार के मुताबिक़ यह सबसे उच्च स्तर पर लिया गया राजनीतिक फ़ैसला था. जिसके तहत फ्रांस की दो कंपनियों को डिफेंस से जुड़ी ख़रीद के लिए स्टैंडर्ड कांट्रैक्ट के प्रावधानों से छूट दी गई थी.
अमर उजाला कि ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि हर लोकसभा सीट के हर विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का अचानक मिलान किया जाए.
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि इससे चुनाव प्रकिया में अधिक विश्वसनीयता और प्रामणिकता आएगी.
अभी तक एक ही बूथ पर वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता था. इसके ख़िलाफ़ 21 विपक्षी दलों ने सुर्पीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनकी मांग थी कि इस संख्या को 50 फ़ीसदी किया जाए.
इस पर चुनाव आयोग ने कहा था कि 50 फ़ीसदी ईवीएम के वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों में पांच-छह दिनों की देरी हो सकती है.. विपक्षी दलों का कहना था कि वो इसके लिए तैयार हैं.
जनसत्ता अख़बार की ख़बर के मुताबिक़ सेना ने जम्मू-कश्मीर में बारामूला-उधमपुर नेशनल हाइवे पर रोक वाले दिन भी अपना क़ाफ़िला भेजा. सेना ने इस हाइवे पर सिर्फ़ रविवार और बुधवार को ही सैन्य क़ाफ़िलों की आवाजाही के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है.
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार के इस आदेश से सैन्य संचालन प्रभावित होगा. अधिकारी ने ये भी बताया है कि इस आदेश को जारी करने से पहले संबंधित सैन्य अधिकारियों से कोई सलाह नहीं ली गई थी.
अख़बार लिखता है कि क़ाफ़िले के संचालन से संबंधित एक अधिकारी ने कहा कि अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों को इस बात के संकेत दे दिए गए थे कि इस आदेश को लागू कर पाना संभव नहीं है.
जम्मू-कश्मीर सरकार का आदेश है कि इस हाइवे पर सुरक्षा बलों के वाहनों की आवाजाही हफ़्ते में सिर्फ़ दो दिन रविवार और बुधवार को होगी. इन दिनों में आम नागरिकों के लिए रास्ता बंद रहेगा. ये नियम 31 मई तक लूगा रहेगा. इस आदेश पर आम लोगों ने भी आपत्ति जताई है और राजनीतिक दल इसके ख़िलाफ़ कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं.
इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर दी गई है कि शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाए जाने की संभावना बढ़ गई है. लंदन की अदालत ने प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती देने वाली उनकी अपील को ख़ारिज कर दिया है.
2016 से ब्रिटेन में रह रहे 60 साल के माल्या पर आरोप है कि उन्होंने अपनी किंगफ़िशर एयरलाइन के लिए बैंकों से 10 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ लिया. ये कंपनी बाद में बर्बाद हो गई थी.
ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जावेद ने माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे. इस आदेश के ख़िलाफ़ विजय माल्या ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.
विजय माल्या को मौखिक सुनवाई यानी मौखिक रूप से विचार करने का आग्रह करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है.
यह छूट 24 अगस्त, 2016 को दी गई थी. अख़बार के मुताबिक़ यह सबसे उच्च स्तर पर लिया गया राजनीतिक फ़ैसला था. जिसके तहत फ्रांस की दो कंपनियों को डिफेंस से जुड़ी ख़रीद के लिए स्टैंडर्ड कांट्रैक्ट के प्रावधानों से छूट दी गई थी.
अमर उजाला कि ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि हर लोकसभा सीट के हर विधानसभा क्षेत्र के पांच बूथों पर ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों का अचानक मिलान किया जाए.
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा है कि इससे चुनाव प्रकिया में अधिक विश्वसनीयता और प्रामणिकता आएगी.
अभी तक एक ही बूथ पर वीवीपैट पर्चियों का मिलान होता था. इसके ख़िलाफ़ 21 विपक्षी दलों ने सुर्पीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. उनकी मांग थी कि इस संख्या को 50 फ़ीसदी किया जाए.
इस पर चुनाव आयोग ने कहा था कि 50 फ़ीसदी ईवीएम के वीवीपैट पर्चियों का मिलान करने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों में पांच-छह दिनों की देरी हो सकती है.. विपक्षी दलों का कहना था कि वो इसके लिए तैयार हैं.
जनसत्ता अख़बार की ख़बर के मुताबिक़ सेना ने जम्मू-कश्मीर में बारामूला-उधमपुर नेशनल हाइवे पर रोक वाले दिन भी अपना क़ाफ़िला भेजा. सेना ने इस हाइवे पर सिर्फ़ रविवार और बुधवार को ही सैन्य क़ाफ़िलों की आवाजाही के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है.
सेना के एक अधिकारी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार के इस आदेश से सैन्य संचालन प्रभावित होगा. अधिकारी ने ये भी बताया है कि इस आदेश को जारी करने से पहले संबंधित सैन्य अधिकारियों से कोई सलाह नहीं ली गई थी.
अख़बार लिखता है कि क़ाफ़िले के संचालन से संबंधित एक अधिकारी ने कहा कि अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों को इस बात के संकेत दे दिए गए थे कि इस आदेश को लागू कर पाना संभव नहीं है.
जम्मू-कश्मीर सरकार का आदेश है कि इस हाइवे पर सुरक्षा बलों के वाहनों की आवाजाही हफ़्ते में सिर्फ़ दो दिन रविवार और बुधवार को होगी. इन दिनों में आम नागरिकों के लिए रास्ता बंद रहेगा. ये नियम 31 मई तक लूगा रहेगा. इस आदेश पर आम लोगों ने भी आपत्ति जताई है और राजनीतिक दल इसके ख़िलाफ़ कोर्ट जाने की बात कह चुके हैं.
इंडियन एक्सप्रेस में ख़बर दी गई है कि शराब कारोबारी विजय माल्या को भारत लाए जाने की संभावना बढ़ गई है. लंदन की अदालत ने प्रत्यर्पण आदेश को चुनौती देने वाली उनकी अपील को ख़ारिज कर दिया है.
2016 से ब्रिटेन में रह रहे 60 साल के माल्या पर आरोप है कि उन्होंने अपनी किंगफ़िशर एयरलाइन के लिए बैंकों से 10 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ लिया. ये कंपनी बाद में बर्बाद हो गई थी.
ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जावेद ने माल्या के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए थे. इस आदेश के ख़िलाफ़ विजय माल्या ने कोर्ट में याचिका दायर की थी.
विजय माल्या को मौखिक सुनवाई यानी मौखिक रूप से विचार करने का आग्रह करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है.
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